फर्रुखाबाद: लालसराय में रसोई गैस के लिए हाहाकार; 10 दिनों से खाली सिलिंडर लेकर भटक रहे उपभोक्ताओं ने लगाया जाम
फर्रुखाबाद। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ रसोई गैस की भारी किल्लत ने आम जनता के सब्र का बांध तोड़ दिया है। शहर के लालसराय इलाके में स्थित एक गैस एजेंसी पर पिछले 10 दिनों से सिलिंडर न मिलने के कारण उपभोक्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया। मंगलवार सुबह परेशान लोगों ने मुख्य मार्ग पर खाली सिलिंडर रखकर चक्का जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
10 दिनों का इंतजार और फूटा आक्रोश
लालसराय स्थित गैस एजेंसी के बाहर मंगलवार की सुबह आम दिनों जैसी नहीं थी। यहाँ सुबह 9 बजे से ही सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष उपभोक्ता जुटने लगे थे। उपभोक्ताओं का आरोप है कि वे पिछले 10 दिनों से गैस सिलिंडर के लिए एजेंसी के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ वापस भेज दिया जाता है। घरों में चूल्हे ठंडे पड़ने की नौबत आने पर मजबूरन लोगों ने सड़क पर उतरने का फैसला किया।
देखते ही देखते उपभोक्ताओं ने सड़क के बीचों-बीच खाली सिलिंडर कतार में लगा दिए और नारेबाजी शुरू कर दी। इस विरोध प्रदर्शन के कारण मुख्य मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।
पुलिस से तीखी नोकझोंक और प्रशासनिक देरी
जाम की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस के कुछ दरोगा और सिपाही मौके पर पहुँचे। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने और जाम खोलने का प्रयास किया, लेकिन जनता की नाराजगी इतनी अधिक थी कि उनकी पुलिस के साथ तीखी नोकझोंक हो गई। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना था कि जब तक उन्हें गैस सिलिंडर मिलने का ठोस आश्वासन नहीं मिलता, वे सड़क से नहीं हटेंगे।
हैरानी की बात यह रही कि सुबह 10:15 बजे तक कोई भी जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुँचा, जिससे स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई। इस दौरान वहां से गुजरने वाले कुछ वाहन चालकों ने जब रास्ता निकालने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारियों के साथ उनकी भी बहस हुई।
एजेंसी प्रबंधक का बयान और बढ़ता असंतोष
करीब पौने ग्यारह बजे (10:45 AM) गैस एजेंसी के प्रबंधक मौके पर पहुँचे। उन्होंने भीड़ को शांत करने के बजाय एक ऐसी घोषणा कर दी जिससे आक्रोश और बढ़ गया। प्रबंधक ने कहा कि जिन उपभोक्ताओं ने 1 अप्रैल तक बुकिंग कराई है, केवल उन्हें ही बुधवार को सिलिंडर दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने बाकी लोगों को वहां से जाने के लिए कह दिया।
प्रबंधक का यह रुख देखकर लोग और अधिक भड़क गए। उपभोक्ता इस बात से नाराज थे कि बुकिंग होने के बावजूद उन्हें तारीखों के जाल में फंसाया जा रहा है। घोषणा करने के महज पांच मिनट बाद ही प्रबंधक वहां से चले गए, जिससे उपभोक्ताओं में असुरक्षा और गुस्से की भावना और गहरी हो गई।
आम जनता की मुश्किलें
प्रदर्शन में शामिल महिलाओं ने अपनी व्यथा सुनाते हुए कहा कि बिना रसोई गैस के घर चलाना नामुमकिन हो गया है। छोटे बच्चों के लिए खाना बनाने और समय पर दफ्तर जाने वाले लोगों के लिए यह संकट अब सिरदर्द बन चुका है। “हम पैसे देकर गैस लेते हैं, फिर भी हमें भिखारियों की तरह लाइनों में लगना पड़ रहा है और अपमानित होना पड़ रहा है,” एक स्थानीय निवासी ने कहा।
निष्कर्ष और वर्तमान स्थिति
लालसराय में फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि बुधवार को भी गैस की आपूर्ति सुचारू नहीं हुई, तो वे और भी बड़े स्तर पर आंदोलन करेंगे। इस घटना ने एक बार फिर जिले में आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति श्रृंखला और अधिकारियों की संवेदनशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन को चाहिए कि वह तुरंत हस्तक्षेप कर गैस की कालाबाजारी या आपूर्ति में आ रही बाधा को दूर करे ताकि आम नागरिक को राहत मिल सके।