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Hardoi News: अंडा व्यवसाय बना महिलाओं के आत्मनिर्भरता का जरिया

कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 17 Mar 2026 12:22 AM IST

Egg business becomes a source of self-reliance for women

पशुपालन विभाग ने समूह की 200 महिलाओं को दिए 10,000 चूजे
आर्थिक मदद से मिला संबल, अंडा उत्पादन से बढ़ेगी परिवार की आय
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। महिलाओं ने घर के चूल्हा-चौका के साथ ही स्वरोजगार की तरफ तेजी से कदम बढ़ाए हैं। स्थानीय उत्पाद और स्वरोजगार के साथ ही महिलाओं ने अंडा उत्पादन से आत्मनिर्भर बनने का रास्ता निकाला है। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी 200 महिलाओं को मुर्गी पालन कराया गया है। इन महिलाओं को पशुपालन विभाग के माध्यम से 10,000 चूजा निशुल्क दिए गए हैं।
मुर्गी पालन से जुड़ी महिलाओं में सीमा देवी, रामबेटी, रामकली, लक्ष्मी देवी, सोनी देवी, नीतू लता, मंजू, ममता, कल्पना, शिवानी, सुधा और रानी आदि महिलाओं ने बताया कि चूजा जल्द ही बड़े हो जाएंगे। अंडा उत्पादन से उनकी प्रतिदिन आमदनी होगी, इससे परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा और कम लागत में स्वरोजगार भी शुरू हो गया है।ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं ने घर के कामकाज के साथ ही अब स्वरोजगार पर विशेष ध्यान दिया है। महिलाओं ने उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर न केवल समूह गठन किया और बचत की, वहीं अब अंडा उत्पादन की दिशा में कदम बढ़ाया है। महिलाओं के संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाने में पशुपालन विभाग ने हाथ बढ़ाया। उप्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से 200 महिलाओं को चिह्नित कराते हुए मुर्गी पालन के लिए चूजा, फीड और प्रत्येक महिला को चूजों के पालन-पोषण की व्यवस्था के लिए 425-425 रुपये भी दिए हैं।

बैक यार्ड पोल्ट्री योजना में महिलाओं को कुक्कुट पालन कराया जा रहा है। 200 महिलाओं को प्रति महिला 50-50 चूजा दिए गए हैं। महिलाओं को फीड और आर्थिक मदद भी दी गई है। चूजा अब बड़े हो गए हैं। इससे जल्द ही अंडा उत्पादन होगा और महिलाओं के परिवार की आमदनी भी बढ़ेगी। वहीं संबंधित क्षेत्र के पशु चिकित्साधिकारियों को चूजों का नियमित अंतराल पर परीक्षण और निरीक्षण भी कराया जा रहा है।-डॉ. अशोक कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी

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