जौनपुर में बड़ा बवाल: आरोपी को पकड़ने आई महाराष्ट्र पुलिस को ग्रामीणों ने समझा चोर, सादे कपड़ों में देख कर दी धुनाई
जौनपुर। उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक आरोपी को पकड़ने आई महाराष्ट्र पुलिस की टीम खुद ही मुसीबत में फंस गई। जिले के सिकरारा थाना क्षेत्र के रीठी गांव में बृहस्पतिवार की रात सादे कपड़ों में पहुँची महाराष्ट्र पुलिस को ग्रामीणों ने चोर समझ लिया और उनकी जमकर पिटाई कर दी। मौके पर पहुँची स्थानीय पुलिस ने बड़ी मुश्किल से स्थिति को संभाला।
क्या था पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, मुंबई के एक थाने में पैसों के लेन-देन से जुड़ा एक धोखाधड़ी का मामला दर्ज था। इस मामले के आरोपी की लोकेशन महाराष्ट्र पुलिस ने ट्रेस की, जो जौनपुर के रीठी गांव में मिली। इसी इनपुट के आधार पर महाराष्ट्र पुलिस की एक टीम बृहस्पतिवार की देर रात बिना किसी स्थानीय सूचना के सीधे आरोपी के घर पहुँच गई।
चोर-चोर कहकर ग्रामीणों ने किया हमला
रात के अंधेरे में जब सादे कपड़ों में कुछ लोग अचानक घर के अंदर दाखिल हुए, तो घरवाले और आसपास के ग्रामीण सतर्क हो गए। पुलिसकर्मियों के पास वर्दी न होने के कारण ग्रामीणों को शक हुआ कि वे बदमाश या चोर हैं। देखते ही देखते ग्रामीणों ने ‘चोर-चोर’ का शोर मचाना शुरू कर दिया।
शोर सुनते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण लाठी-डंडों के साथ इकट्ठा हो गए और महाराष्ट्र पुलिस के सिपाहियों को घेरकर उनकी पिटाई शुरू कर दी। पुलिसकर्मी चिल्लाते रहे कि वे पुलिस विभाग से हैं, लेकिन गुस्से में भरी भीड़ ने उनकी एक न सुनी।
यूपी पुलिस ने बचाई जान
घटना की सूचना मिलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। फोन पर जानकारी मिलने के बाद सिकरारा थाना प्रभारी यूपी सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पास के सर्किल के अन्य थानों की फोर्स को भी बुला लिया गया।
स्थानीय पुलिस ने भीड़ के बीच से महाराष्ट्र पुलिस के जवानों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें थाने ले गई। थाना प्रभारी ने बताया कि महाराष्ट्र पुलिस की टीम ने पहले स्थानीय थाने में अपनी आमद (Information) दर्ज नहीं कराई थी, जिसके कारण यह गलतफहमी पैदा हुई और ग्रामीणों ने उन्हें संदिग्ध समझ लिया।
जांच और कार्रवाई
इस घटना ने अंतरराज्यीय पुलिस जांच (Inter-state investigation) के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियमों के मुताबिक, दूसरे राज्य की पुलिस को किसी भी रेड या गिरफ्तारी से पहले स्थानीय पुलिस स्टेशन को सूचित करना अनिवार्य होता है।
फिलहाल, महाराष्ट्र पुलिस के कर्मियों को सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है और आरोपी के संबंध में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों को शांत रहने और कानून हाथ में न लेने की अपील की है।