कानपुर: आग से निपटने के लिए कर्नलगंज फायर स्टेशन पर मॉक ड्रिल, CFO ने जांची उपकरणों की कार्यक्षमता
कानपुर। शहर की घनी आबादी और औद्योगिक क्षेत्रों में आगजनी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण पाने के लिए कानपुर फायर विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। मंगलवार को कर्नलगंज स्थित फायर स्टेशन में मुख्य अग्निशमन अधिकारी (CFO) दीपक शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में दमकल कर्मियों की त्वरित प्रतिक्रिया (Response Time) और आधुनिक उपकरणों के संचालन कौशल को परखना था।
हाई-टेक उपकरणों का हुआ प्रदर्शन
मॉक ड्रिल के दौरान सीएफओ दीपक शर्मा ने खुद कमान संभालते हुए फायर फाइटर्स को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। अभ्यास के दौरान दमकल कर्मियों ने आधुनिक होज पाइप, हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और लैडर (सीढ़ी) के प्रभावी उपयोग का प्रदर्शन किया।
CFO ने बताया कि कानपुर जैसे महानगर में, जहाँ कई इलाके बेहद संकरे और घनी आबादी वाले हैं, वहाँ आग बुझाना एक बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में कम से कम समय में मौके पर पहुँचकर जान-माल की रक्षा करना ही विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने उपकरणों के नियमित रखरखाव और तकनीकी बारीकियों पर भी जोर दिया।
रेस्क्यू ऑपरेशन का लाइव डेमो
इस ड्रिल की सबसे खास बात लाइव रेस्क्यू डेमो रहा। दमकल कर्मियों ने कृत्रिम आग बुझाने के साथ-साथ धुएं से भरे बंद कमरों और ऊंची इमारतों से फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया।
- रिस्पॉन्स टाइम: कॉल मिलने के कितनी देर बाद टीम सक्रिय होती है, इसकी बारीकी से जांच की गई।
- तकनीकी कौशल: धुएं के बीच ऑक्सीजन मास्क और अन्य सुरक्षा उपकरणों के साथ प्रवेश करने का अभ्यास हुआ।
- समन्वय: टीम के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल को बेहतर बनाने पर काम किया गया।
सीएफओ दीपक शर्मा का संदेश
अभ्यास के बाद मीडिया से बात करते हुए सीएफओ दीपक शर्मा ने कहा, “आग की घटनाएं कभी बताकर नहीं आतीं, इसलिए हमारी तैयारी 24×7 रहनी चाहिए। इस मॉक ड्रिल के माध्यम से हमने न केवल अपने उपकरणों की कार्यक्षमता को जांचा है, बल्कि जवानों के मनोबल और उनकी कार्यकुशलता को भी परखा है। हमारा लक्ष्य ‘जीरो कैजुअल्टी’ (शून्य जनहानि) सुनिश्चित करना है।”
उन्होंने शहरवासियों से भी अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों में फायर सेफ्टी मानकों का पालन करें और आपात स्थिति में तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित करें।
प्रशासनिक सतर्कता
गर्मी का मौसम शुरू होने से पहले इस तरह की ड्रिल काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि बढ़ते तापमान के साथ आग लगने की घटनाओं में इजाफा होने की संभावना रहती है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि सभी फायर स्टेशनों पर गाड़ियाँ और उपकरण हर समय ‘रेडी टू मूव’ मोड में होने चाहिए।