कानपुर देहात में कोहराम: घर के बाहर खेल रही 2 साल की मासूम को कार ने कुचला, मौके पर ही मौत; भाग निकला हत्यारा चालक
कानपुर देहात। उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ मंगलपुर थाना क्षेत्र के रामपुर टप्पेवान गांव में शनिवार शाम एक तेज रफ्तार कार ने घर के बाहर खेल रही दो साल की मासूम बच्ची को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में मासूम की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी चालक कार सहित मौके से फरार होने में कामयाब रहा।
खेलते समय काल बनकर आई तेज रफ्तार कार
जानकारी के अनुसार, रामपुर टप्पेवान निवासी विक्रांत सिंह की दो वर्षीय पुत्री जाह्नवी उर्फ लाडो शनिवार शाम करीब 6 बजे अपने घर के बाहर पड़ोस के बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान सड़क से गुजर रही एक अनियंत्रित और तेज रफ्तार कार ने जाह्नवी को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बच्ची उछलकर काफी दूर जा गिरी और उसके सिर में गंभीर चोट आने के कारण उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
गनीमत रही कि पास में खेल रहे अन्य बच्चे कार की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। स्थानीय लोगों ने कार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने रफ्तार बढ़ा दी और मौके से रफूचक्कर हो गया।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
अपनी आंखों के सामने लाडो को दम तोड़ते देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई। मां सुधा, बड़ी बहन मानवी, भाई कृष्णा और बाबा रामवीर का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में मातम का माहौल है और ग्रामीण आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
हादसे की सूचना मिलते ही झींझक चौकी प्रभारी उमेश शर्मा पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
थानाध्यक्ष महेश दुबे ने बताया कि:
”बच्ची के बाबा की सूचना पर पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। फरार कार और उसके चालक की तलाश के लिए आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। तहरीर मिलने के बाद सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
बढ़ते ‘हिट एंड रन’ मामले: एक चिंता का विषय
ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों पर बेलगाम दौड़ते वाहन मासूमों की जान के दुश्मन बनते जा रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव के बीच से गुजरने वाले वाहनों की रफ्तार पर अंकुश लगाने के लिए कोई ठोस इंतजाम नहीं हैं, जिससे आए दिन ऐसे हादसे होते रहते हैं।