कानपुर

​कानपुर मेट्रो का महा-विस्तार: 2035 तक उन्नाव तक पहुंचेगी ट्रेन, 107 KM लंबा होगा नेटवर्क; जानें पूरा रूट मैप

कानपुर: उत्तर प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कानपुर के लिए ‘पब्लिक ट्रांसपोर्ट’ के क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने कानपुर मेट्रो के विस्तार का एक महत्वाकांक्षी ‘मास्टर प्लान’ तैयार किया है। इस योजना के तहत साल 2035 तक कानपुर मेट्रो का सफर सिर्फ शहर की सीमा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह पड़ोसी जिले उन्नाव तक जा पहुंचेगा।

​2035 तक 107 किलोमीटर का विशाल नेटवर्क

​यूपीएमआरसी के एमडी सुशील कुमार द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना के तहत मेट्रो के जाल को शहर के हर कोने तक फैलाने की तैयारी है। वर्तमान में संचालित रूट के अलावा, 2030 तक मेट्रो का विस्तार पनकी, चकेरी और कैंट जैसे प्रमुख इलाकों तक कर दिया जाएगा। 2035 तक कुल मेट्रो नेटवर्क 107.32 किलोमीटर लंबा हो जाएगा।

विस्तार की मुख्य समयसीमा:

  • 2030 तक: मेट्रो नेटवर्क 79 किलोमीटर तक पहुंचेगा (पनकी, चकेरी, कैंट शामिल)।
  • 2035 तक: कुल नेटवर्क 107.32 किलोमीटर होगा (उन्नाव तक विस्तार)।

​जून से नौबस्ता तक शुरू हो सकती है मेट्रो

​कानपुरवासियों के लिए एक और खुशखबरी यह है कि कॉरिडोर-1 (IIT से नौबस्ता) का काम अपने अंतिम चरण में है। वर्तमान में आईआईटी से कानपुर सेंट्रल तक मेट्रो चल रही है। अब नौबस्ता तक के रूट पर ट्रायल रन चल रहा है।

  • ट्रायल अपडेट: डाउन लाइन पर अगले 4-6 दिनों में ट्रायल शुरू होने की संभावना है।
  • रफ्तार: मेट्रो रेल संरक्षा आयुक्त (CMRS) के सामने 90 किमी/घंटा की रफ्तार से ट्रेन दौड़ाने का परीक्षण होगा।
  • उद्घाटन: सब कुछ ठीक रहा तो जून 2026 से यात्री आईआईटी से सीधे नौबस्ता तक का सफर तय कर सकेंगे।

​कॉरिडोर-2 और बर्रा-8 कनेक्टिविटी

​सीएसए (CSA) से बर्रा-8 तक के 8.6 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर-2 का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। इसकी डेडलाइन दिसंबर 2026 तय की गई है। इसके अलावा, नौबस्ता स्टेशन को बर्रा-8 से जोड़ने के लिए 5.9 किलोमीटर लंबे लिंक की डीपीआर (DPR) भी तैयार हो चुकी है, जिसे जल्द ही शासन से मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

​नौ कॉरिडोर में बंटा होगा शहर

​आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय और प्रदेश सरकार की सैद्धांतिक सहमति के बाद, कानपुर में कुल नौ कॉरिडोर बनाने की कार्ययोजना है। 2030 तक पांच मुख्य कॉरिडोर के तहत 76.51 किलोमीटर का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न केवल शहर के भीतर जाम की समस्या खत्म होगी, बल्कि औद्योगिक इकाइयों और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा।

​विकास की नई पटरी

​मेट्रो के उन्नाव तक पहुंचने से कानपुर-उन्नाव के बीच दैनिक यात्रा करने वाले हजारों लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। यह विस्तार न केवल परिवहन सुधारेगा बल्कि मेट्रो स्टेशनों के आसपास रियल एस्टेट और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। कानपुर नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय को इस मास्टर प्लान की विस्तृत जानकारी भेज दी गई है ताकि भविष्य की शहरी योजनाओं को मेट्रो रूट के अनुसार व्यवस्थित किया जा सके।

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