एजेंसियों के निशाने पर ‘डॉक्टरों का मॉड्यूल’: डॉ. आदिल का देवबंद कनेक्शन आया सामने, चीन और तुर्किये की यात्रा ने चौंकाया
सहारनपुर (उत्तर प्रदेश): उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किए गए जैश-ए-मोहम्मद के संदिग्ध सदस्य डॉ. आदिल अहमद को लेकर हर दिन नए और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। खुफिया एजेंसियां अब ‘डॉक्टरों के एक विशेष मॉड्यूल’ की जांच कर रही हैं, जिसके तार न केवल उत्तर प्रदेश और दिल्ली, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक जुड़े होने की आशंका है। डॉ. आदिल की गतिविधियों और उसके संपर्कों ने सुरक्षा घेरे में बड़ी हलचल पैदा कर दी है।
देवबंद कनेक्शन और संदिग्ध मुलाकातें
जांच में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य डॉ. आदिल का देवबंद कनेक्शन बनकर उभरा है। बताया जा रहा है कि डॉ. आदिल जब भी अस्पताल से छुट्टी लेता था, वह अक्सर देवबंद जाता था। देवबंद, जो इस्लामी तालीम का एक बड़ा केंद्र है, वहां उसकी मुलाकातें किससे होती थीं, इसकी गहन जांच की जा रही है।
एजेंसियां इस बात का पता लगा रही हैं कि क्या वह वहां किसी स्लीपर सेल के संपर्क में था या नए सदस्यों की भर्ती के मिशन पर था। देवबंद की संवेदनशीलता को देखते हुए वहां पहले से ही एटीएस (ATS) सेंटर स्थापित है, और अब आदिल के वहां बार-बार जाने ने शक की सुई को और गहरा कर दिया है।
चीन और तुर्किये की रहस्यमयी यात्राएं
खुफिया सूत्रों के अनुसार, डॉ. आदिल चीन और तुर्किये (Turkey) की यात्रा भी कर चुका है। हालांकि स्थानीय स्तर पर इसकी आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है, लेकिन जांच के दायरे में यह बिंदु सबसे ऊपर है। इन देशों की यात्रा के पीछे का उद्देश्य क्या था और वहां उसने किन लोगों से मुलाकात की, इसकी कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।
एक साल का ‘गायब’ होना और बेनामी संपत्ति
जांच में एक और बड़ा मोड़ तब आया जब पता चला कि वर्ष 2023 से नवंबर 2024 के बीच डॉ. आदिल पूरी तरह से ‘रडार’ से बाहर था। इस एक साल की अवधि में वह न तो अपने घर पर था और न ही किसी अस्पताल में नौकरी कर रहा था। एजेंसियां यह जानने में जुटी हैं कि इस ‘अज्ञातवास’ के दौरान वह कहां था और क्या उसे कहीं विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा था?
इसके अलावा, सहारनपुर के अंबाला रोड पर खरीदे गए एक प्लॉट की भी चर्चा है, जहां कथित तौर पर एक अस्पताल बनाने की योजना थी। पुलिस यह जांच रही है कि इस जमीन के लिए फंडिंग कहां से आई।
डॉ. शाहीन और सहारनपुर का लिंक
दिल्ली विस्फोट मामले में पकड़ी गई डॉ. शाहीन का नाम भी इस जांच में प्रमुखता से उभरा है। डॉ. शाहीन का भाई डॉ. परवेज सहारनपुर में क्लीनिक चलाता था और शाहीन का भी यहां आना-जाना था। डॉ. आदिल और डॉ. शाहीन के बीच संपर्क की बात सामने आने के बाद अब यह स्पष्ट होता जा रहा है कि यह केवल एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि ‘डॉक्टरों का एक संगठित मॉड्यूल’ हो सकता है।
यू-ट्यूबरों से पूछताछ और डिजिटल साक्ष्य
जम्मू-कश्मीर पुलिस और एटीएस ने इस मामले में दो यू-ट्यूबरों को भी हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, ये दोनों सोशल मीडिया के जरिए लंबे समय से डॉक्टरों के संपर्क में थे। डॉ. आदिल के मोबाइल से कई कश्मीरी छात्रों के नंबर भी मिले हैं, जिनसे पूछताछ की तैयारी की जा रही है।
फिलहाल, सहारनपुर के मानकमऊ स्थित अमन विहार कॉलोनी में डॉ. आदिल के किराए के घर पर ताला लटका है और खुफिया एजेंसियां वहां की 24 घंटे निगरानी कर रही हैं।