कानपुर

​कानपुर: नशेबाज ई-रिक्शा चालक का कहर, मासूम बेटी के सामने पिता ने तोड़ा दम; शहर में बढ़ता जा रहा है ई-रिक्शा का आतंक

कानपुर (उत्तर प्रदेश): औद्योगिक नगरी कानपुर में ई-रिक्शा चालकों की मनमानी और लापरवाही ने एक और हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ दिया है। शहर के अनवरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नई सड़क इलाके में गुरुवार देर रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। यहाँ शराब के नशे में धुत एक ई-रिक्शा चालक ने तेज रफ्तार में एक कपड़ा व्यापारी को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में व्यापारी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी दो साल की मासूम बेटी बाल-बाल बच गई।

क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, नया चौक परेड निवासी मोहम्मद नौशाद (44), जो पेशे से एक कपड़ा व्यापारी थे, गुरुवार की रात करीब 1 बजे अपनी दो साल की बेटी अमीरा को लेकर अपनी ससुराल जा रहे थे। जैसे ही वह नई सड़क के पास पहुंचे, सामने से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार ई-रिक्शा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि नौशाद सड़क पर दूर जा गिरे और उनके सिर पर गंभीर चोटें आईं।

​वहां मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ई-रिक्शा चालक पूरी तरह नशे में धुत था और वाहन पर उसका कोई नियंत्रण नहीं था। टक्कर लगने के बाद मासूम अमीरा भी सड़क पर गिरकर मामूली रूप से घायल हो गई, लेकिन अपनी आंखों के सामने पिता को लहूलुहान देख वह चीखने-चिल्लाने लगी।

भीड़ ने चालक को पकड़ा, पुलिस के हवाले किया

​हादसे के बाद आरोपी ई-रिक्शा चालक ने मौके से भागने की कोशिश की, लेकिन चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी का पीछा किया और कुछ ही दूरी पर उसे दबोच लिया। गुस्से में आई भीड़ ने आरोपी की जमकर पिटाई की और बाद में उसे अनवरगंज पुलिस के हवाले कर दिया।

​सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और नौशाद को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जब पुलिस ने इस घटना की सूचना मृतक के परिजनों को दी, तो परिवार में कोहराम मच गया।

शहर में ई-रिक्शा का बढ़ता ‘आतंक’

​कानपुर की सड़कों पर ई-रिक्शा चालकों की अराजकता अब जानलेवा साबित हो रही है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि शहर में ई-रिक्शा की संख्या अनियंत्रित रूप से बढ़ गई है।

  • अकुशल चालक: अधिकांश चालक बिना किसी ट्रेनिंग या वैध लाइसेंस के रिक्शा चला रहे हैं।
  • नशा और लापरवाही: रात के समय कई चालक नशे की हालत में वाहन चलाते हैं।
  • ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन: रॉन्ग साइड चलना और बीच सड़क पर सवारी उतारना आम बात हो गई है।

​क्षेत्रीय लोगों में पुलिस प्रशासन के खिलाफ भारी रोष है। लोगों का आरोप है कि पूर्व में भी कई घातक हादसे हो चुके हैं, लेकिन पुलिस और आरटीओ (RTO) विभाग ठोस कार्रवाई करने के बजाय मूकदर्शक बना हुआ है। नौशाद की मौत ने एक बार फिर शहर की यातायात व्यवस्था और सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

​मोहम्मद नौशाद के परिवार में उनकी पत्नी और मासूम बच्चे हैं। परिजनों का कहना है कि नौशाद ही घर के मुख्य कमाने वाले थे। दो साल की मासूम अमीरा, जिसने अपने पिता को अपनी आंखों के सामने दम तोड़ते देखा, वह अब भी सदमे में है। पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

निष्कर्ष और अपील

​कानपुर में बढ़ते ई-रिक्शा हादसों को रोकने के लिए प्रशासन को अब सख्त कदम उठाने होंगे। क्या बिना पंजीकरण और बिना वेरिफिकेशन के चल रहे इन वाहनों पर लगाम लगेगी? यह एक बड़ा प्रश्न है। प्रशासन की ढिलाई का खामियाजा आम जनता को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।

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