लखनऊ: बिजली बिल वसूली में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, 25 संविदा कर्मी बर्खास्त; लाइनमैन और हेल्परों पर गिरी गाज
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बिजली विभाग ने राजस्व वसूली में ढिलाई बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम (MVVNL) के अमौसी जोन में बिजली बिल वसूली और ‘बिजली राहत योजना’ में लापरवाही बरतने के आरोप में 25 संविदा कर्मियों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं। विभाग के इस कड़े कदम से संविदा कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।
राजस्व वसूली में कमी बनी कार्रवाई की वजह
अमौसी जोन के अंतर्गत आने वाले विभिन्न उपकेंद्रों पर तैनात इन कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने सरकार की महत्वाकांक्षी ‘बिजली राहत बिल योजना’ के तहत बकायेदारों से वसूली करने में रुचि नहीं दिखाई। प्रबंधन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन कर्मियों की शिथिलता के कारण राजस्व वसूली का ग्राफ काफी नीचे गिर गया था, जिससे विभाग को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।
इन पदों पर तैनात थे कर्मचारी
बर्खास्त किए गए 25 कर्मियों में 8 लाइनमैन और 17 हेल्पर शामिल हैं। इन सभी को 15 नवंबर 2025 को लागू हुए वर्टिकल सिस्टम के तहत कलेक्शन इकाई (Collection Unit) में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, बार-बार चेतावनी के बावजूद इनके कार्य प्रदर्शन में कोई सुधार नहीं देखा गया।
मैनेजिंग डायरेक्टर के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अधीक्षण अभियंता नेकी राम ने मुख्य अभियंता (अमौसी जोन) रामकुमार को इस संबंध में औपचारिक पत्र भेजा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि प्रबंध निदेशक (MD) रिया केजरीवाल के अनुमोदन के बाद इन सभी 25 संविदा कर्मियों को सेवा से बर्खास्त किया जा रहा है। साथ ही, विभाग ने इन्हें ‘ब्लैकलिस्ट’ करने का भी निर्देश दिया है, जिसका अर्थ है कि भविष्य में ये कर्मी विभाग में दोबारा काम नहीं पा सकेंगे।
इन क्षेत्रों के कर्मचारियों पर गिरी गाज
जिन उपकेंद्रों के कर्मचारियों को हटाया गया है, उनमें लखनऊ के प्रमुख इलाके शामिल हैं:
- दुबग्गा और मलिहाबाद
- वृंदावन और कानपुर रोड
- आलमबाग और मोहनलालगंज
- नादरगंज उपकेंद्र
बर्खास्त किए गए कर्मियों की सूची
विभाग द्वारा जारी सूची में प्रमुख रूप से लाइनमैन लक्ष्मीकांत मिश्रा, मोहम्मद सईद, कमल किशोर, नवीन कुमार यादव, सुनील कुमार द्विवेदी, रितेश कुमार मौर्या, सुनील कुमार यादव और हेल्परों में दीपक कुमार, सर्वेश कुमार सिंह, दिलीप कुमार पटेल, अमित सैनी, महेंद्र कुमार दुबे, विक्रम सिंह, अवनीश कुमार भारती, शत्रुघ्न लाल, जितेंद्र कुमार, मनीष कुमार, विनय, चंद्रशेखर, सर्वेश कुमार यादव, हिमांशु श्रीवास्तव, मोहित खन्ना और साजन रावत के नाम शामिल हैं।
विभाग का कड़ा संदेश
इस कार्रवाई के जरिए बिजली विभाग ने साफ कर दिया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लखनऊ के अन्य जोन में भी अब कर्मचारियों के प्रदर्शन की समीक्षा की जा रही है, जिससे आने वाले दिनों में ऐसी और भी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।