वाराणसी एयरपोर्ट पर वन्यजीव तस्करी का भंडाफोड़: बारहसिंगा के सींग के साथ विदेशी नागरिक गिरफ्तार, बैंकॉक भागने की थी फिराक
वाराणसी: उत्तर प्रदेश की धार्मिक राजधानी वाराणसी का लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा (बाबतपुर) रविवार को उस समय छावनी में तब्दील हो गया, जब सुरक्षा जांच के दौरान एक बड़े वन्यजीव तस्करी मामले का खुलासा हुआ। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के सतर्क जवानों ने एक विदेशी नागरिक के पास से प्रतिबंधित बारहसिंगा (Swamp Deer) का सींग बरामद किया है। आरोपी इस बेशकीमती सींग को बहुत ही चालाकी से अपने बैग में छिपाकर बैंकॉक ले जाने की कोशिश कर रहा था।
स्कैनिंग के दौरान खुली पोल
मिली जानकारी के अनुसार, विदेशी यात्री की पहचान दमित्री ब्रेकिन के रूप में हुई है। वह एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान संख्या IX-215 से वाराणसी से बैंकॉक जाने के लिए एयरपोर्ट पहुंचा था। यह विमान दोपहर 12:35 बजे उड़ान भरकर शाम 6:05 बजे बैंकॉक पहुंचने वाला था।
जब दमित्री का सामान एक्स-रे स्कैनिंग मशीन से गुजरा, तो वहां तैनात सुरक्षाकर्मी को स्क्रीन पर कुछ संदिग्ध आकृति दिखाई दी। शक होने पर बैग को रोक लिया गया और यात्री की मौजूदगी में जब गहन तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। बैग के भीतर बहुत ही शातिर तरीके से बारहसिंगा का सींग छिपाया गया था।
सुरक्षा एजेंसियों में मचा हड़कंप
बरामदगी के तुरंत बाद एयरपोर्ट प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में अफरा-तफरी मच गई। सीआईएसएफ ने आरोपी यात्री को तत्काल हिरासत में ले लिया और एयरलाइन को सूचित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया। वन विभाग के अधिकारियों ने बरामद सींग की पुष्टि की और उसे अपने कब्जे में ले लिया है।
अंतर्राष्ट्रीय तस्करी गिरोह की आशंका
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी दमित्री ब्रेकिन ने सींग के स्रोत के बारे में संतोषजनक जवाब नहीं दिए हैं। पुलिस और वन विभाग अब इस बात की तहकीकात कर रहे हैं कि यह सींग उसे वाराणसी में किसने मुहैया कराया या वह इसे कहां से लेकर आया था। सुरक्षा एजेंसियों को अंदेशा है कि इसके पीछे कोई अंतर्राष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी गिरोह सक्रिय हो सकता है जो भारत के संरक्षित जानवरों के अंगों को विदेशों में ऊंचे दामों पर बेचता है।
कानूनी कार्रवाई और सजा का प्रावधान
भारत में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत बारहसिंगा एक संरक्षित श्रेणी का जानवर है। इसके किसी भी अंग का शिकार, परिवहन या व्यापार करना एक गंभीर गैर-जमानती अपराध है।
फूलपुर थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि विदेशी नागरिक से गहन पूछताछ जारी है। वन विभाग इस मामले में वन्यजीव अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियां अब दमित्री के पिछले कुछ दिनों के मूवमेंट और उसके संपर्कों को खंगाल रही हैं ताकि इस रैकेट की जड़ों तक पहुंचा जा सके।
निष्कर्ष
वाराणसी एयरपोर्ट पर हुई यह कार्रवाई सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है। हालांकि, इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कैसे प्रतिबंधित वन्यजीव अंग सुरक्षित क्षेत्रों से निकलकर अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं। फिलहाल, आरोपी सलाखों के पीछे है और जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है।