लखनऊ

मुरादाबाद में आंधी का कहर: दर्जनों इलाकों की बिजली गुल, ब्लैकआउट जैसे हालात

मौसम का मिजाज बदला, आफत बनकर आई आंधी

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के पीतलनगरी मुरादाबाद में मंगलवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। धूल भरी तेज आंधी और झोंकेदार हवाओं के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर शहर की बिजली आपूर्ति (Power Supply) पर पड़ा है। आंधी के कारण शहर के लगभग 60% इलाकों में घंटों तक अंधेरा छाया रहा, जिससे भीषण गर्मी के बीच स्थानीय निवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

किन इलाकों में रहा सबसे ज्यादा असर?

​आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगहों पर बिजली के तारों पर पेड़ों की टहनियां गिर गईं, जिससे इंसुलेटर फट गए और लाइनें ब्रेकडाउन हो गईं। मुख्य रूप से प्रभावित इलाकों में शामिल हैं:

  • सिविल लाइंस और कचहरी परिसर
  • रामगंगा विहार और आशियाना
  • मझोला और लाइनपार क्षेत्र
  • कटघर, मुगलपुरा और पुराना शहर
  • दिल्ली रोड स्थित हाउसिंग सोसायटियां

फाल्ट खोजने में पसीने छूटे, विभाग अलर्ट मोड पर

​बिजली गुल होते ही विद्युत निगम के कंट्रोल रूम में शिकायतों की बाढ़ आ गई। अधिशासी अभियंता के अनुसार, एहतियातन कई सब-स्टेशनों की सप्लाई बंद करनी पड़ी ताकि हाई वोल्टेज के कारण कोई बड़ा हादसा या ट्रांसफार्मर में आग न लगे। आंधी रुकने के बाद, विभाग की पेट्रोलिंग टीमों को फाल्ट ढूंढने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। कई फीडरों पर 33KV की मुख्य लाइनों में तकनीकी खामी आने की वजह से मरम्मत कार्य में देरी हुई।

जनजीवन पर प्रभाव: पानी का संकट और गर्मी की मार

​बिजली न होने के कारण न केवल रोशनी की समस्या हुई, बल्कि घरों में पानी की आपूर्ति भी ठप हो गई। अपार्टमेंट्स में रहने वाले लोगों को लिफ्ट और पानी की मोटरों के काम न करने से काफी परेशानी हुई। वहीं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और बाजारों में भी कामकाज बुरी तरह प्रभावित रहा।

भविष्य के लिए सुरक्षा सावधानियां (Safety Guidelines)

​आंधी-तूफान के दौरान बिजली से जुड़ी दुर्घटनाओं से बचने के लिए इन बातों का पालन करें:

  1. बिजली के खंभों से दूर रहें: आंधी के दौरान कभी भी खंभों या ट्रांसफार्मर के पास न खड़े हों। तार टूटने का खतरा हमेशा बना रहता है।
  2. उपकरणों को अनप्लग करें: वोल्टेज में उतार-चढ़ाव (Fluctuation) से बचने के लिए टीवी, फ्रिज और कंप्यूटर जैसे महंगे उपकरणों के प्लग निकाल दें।
  3. पेड़ों के नीचे वाहन न खड़ा करें: अक्सर पेड़ों की टहनियां गिरने से बिजली के तार टूटकर गाड़ियों पर गिर सकते हैं।
  4. टोल-फ्री नंबर रखें: बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1912 को हमेशा अपने फोन में सेव रखें ताकि आपात स्थिति में सूचना दी जा सके।

प्रशासन और विभाग की तैयारी

​मुरादाबाद बिजली विभाग का कहना है कि वे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए जर्जर तारों को बदलने का काम कर रहे हैं, ताकि भविष्य में सामान्य आंधी से होने वाले ब्रेकडाउन को कम किया जा सके। हालांकि, शहरी इलाकों में घनी आबादी और पेड़ों की अधिकता के कारण यह कार्य एक चुनौती बना हुआ है।

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