लखनऊ

UP 69000 शिक्षक भर्ती: लखनऊ में आज महाआंदोलन, प्रशासन सख्त; कई अभ्यर्थी हाउस अरेस्ट

राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन की तैयारी, पुलिस छावनी में तब्दील हुए इलाके

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की 69000 सहायक शिक्षक भर्ती का विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने बुधवार, 22 अप्रैल 2026 को राजधानी लखनऊ में एक विशाल विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है। इस आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश शासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह ‘अलर्ट मोड’ पर है। खबर है कि आंदोलन को रोकने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रमुख छात्र नेताओं को हाउस अरेस्ट (नजरबंद) किया गया है।

क्यों हो रहा है प्रदर्शन? (प्रमुख मांगें)

​आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का आरोप है कि इस भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण के नियमों की अनदेखी की गई है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे धनंजय गुप्ता और सुशील कश्यप के अनुसार:

  • आरक्षण घोटाला: अभ्यर्थियों का दावा है कि ओबीसी (OBC) और एससी (SC) वर्ग की सीटों पर विसंगतियां हुई हैं।
  • नियुक्ति पत्र की मांग: लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच के आदेश के बाद सरकार ने 6800 अभ्यर्थियों की एक अतिरिक्त सूची जारी की थी, लेकिन उन्हें आज तक नियुक्ति नहीं मिली।
  • सुप्रीम कोर्ट में देरी: मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, लेकिन अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार की ओर से प्रभावी पैरवी न होने के कारण ‘तारीख पर तारीख’ मिल रही है।

प्रशासन की सख्ती: जिलों में ‘पकड़-धकड़’ शुरू

​बुधवार के प्रदर्शन को विफल करने के लिए पुलिस ने शिकोहाबाद, फिरोजाबाद और सुल्तानपुर जैसे जिलों में सक्रिय अभ्यर्थियों को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया है। लखनऊ के ईको गार्डन और विधानसभा मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रशासन को अंदेशा है कि इस बार अभ्यर्थियों के साथ उनके परिजन भी बड़ी संख्या में शामिल हो सकते हैं।

6 साल का लंबा संघर्ष

​बता दें कि यह भर्ती प्रक्रिया पिछले छह वर्षों से विवादों और कानूनी दांव-पेचों में फंसी हुई है। सितंबर 2024 में सुप्रीम कोर्ट में हुई पहली सुनवाई के बाद से ही अभ्यर्थी किसी ठोस समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे अब थक चुके हैं और “आर-पार की लड़ाई” के मूड में हैं।

शिक्षक भर्ती विवाद: अब तक क्या हुआ? (Timeline

समयघटनाक्रम
201969000 शिक्षक भर्ती परीक्षा का आयोजन।
2020-21आरक्षण विसंगतियों को लेकर अभ्यर्थियों का आंदोलन शुरू।
2022सरकार ने 6800 अभ्यर्थियों की नई सूची जारी की (जो अभी भी लंबित है)।
2024-25हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के चक्कर में फंसा मामला।
22 अप्रैल 2026लखनऊ

भविष्य की राह और संभावित प्रभाव

​यदि बुधवार को अभ्यर्थी लखनऊ पहुंचने में सफल रहते हैं, तो राजधानी की यातायात व्यवस्था और कानून-व्यवस्था के लिए यह बड़ी चुनौती होगी। विपक्षी दल भी इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे सरकार पर दबाव बढ़ना तय है।

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