वाराणसी

वाराणसी: पीएम मोदी ने देखी उज्जैन की ‘वैदिक घड़ी’, कमिश्नर को दी बड़ी सलाह; जानें काशी दौरे की खास बातें

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दो दिवसीय काशी दौरे ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने के साथ ही पीएम ने भारतीय काल गणना और स्थानीय शिल्प कला को प्रोत्साहित करने वाले कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। इस दौरे का सबसे बड़ा आकर्षण उज्जैन से आई ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ रही, जिसे देखकर पीएम ने विशेषज्ञों को एक नई दिशा देने का सुझाव दिया।

​1. वैदिक घड़ी और पीएम मोदी का सुझाव

​श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित 740 किलोग्राम की विशाल विक्रमादित्य वैदिक घड़ी पीएम मोदी के आकर्षण का केंद्र रही। कमिश्नर एस. राजलिंगम से इसकी जानकारी लेते हुए पीएम ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की:

  • गहरी गणना की आवश्यकता: पीएम ने कहा कि यह घड़ी वर्तमान में विक्रम संवत के अनुसार समय बताती है, लेकिन हमारी वैदिक परंपरा हजारों साल पुरानी है।
  • कमिश्नर को सुझाव: उन्होंने सुझाव दिया कि इस घड़ी में और अधिक सूक्ष्म और प्राचीन गणनाओं को जोड़ा जाना चाहिए ताकि यह हमारी समृद्ध विरासत को पूरी तरह प्रदर्शित कर सके। कमिश्नर ने आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री के इस सुझाव पर जल्द ही काम शुरू होगा।

​2. क्या है इस वैदिक घड़ी की खासियत?

​यह घड़ी केवल समय ही नहीं बताती, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा का एक डिजिटल दस्तावेज है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट किया था। इसके फीचर्स में शामिल हैं:

  • ​वैदिक समय और भारतीय स्टैंडर्ड टाइम (IST)।
  • ​भारतीय पंचांग, विक्रम संवत मास और तिथि।
  • ​ग्रहों की स्थिति, भद्रा, चंद्र स्थिति और शुभ मुहूर्त की जानकारी।

​3. काशी के 8 GI उत्पादों का उपहार

​प्रधानमंत्री के इस दौरे में स्थानीय कारीगरों के हुनर को वैश्विक पहचान मिली। उन्हें कुल आठ जीआई (GI) पंजीकृत उत्पाद भेंट किए गए:

  • मुख्य उपहार: गुलाबी मीनाकारी से निर्मित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की अनुकृति, त्रिशूल और डमरू।
  • सम्मान: राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता हस्तशिल्पी कुंज बिहारी द्वारा तैयार किया गया मंदिर का मॉडल पीएम को बहुत पसंद आया। जीआई एक्सपर्ट डॉ. रजनी कांत के अनुसार, यह कारीगरों के प्रोत्साहन के लिए एक बड़ा कदम है।

​4. पीएम मोदी की ‘सादगी’ वाली दिनचर्या

​बरेका (BLW) गेस्ट हाउस में ठहरे प्रधानमंत्री की दिनचर्या ने एक बार फिर सबको प्रभावित किया।

  • सुबह की शुरुआत: सुबह 5:20 पर जागने के बाद पीएम ने गुनगुना पानी पिया और अदरक वाली चाय ली।
  • योग और अनुशासन: उन्होंने समय निकालकर योग और प्राणायाम किया, फिर समाचार पत्रों का अवलोकन किया।
  • सादा भोजन: उनके नाश्ते में पोहा, मूंग की खिचड़ी, पापड़, ढोकला और चटनी जैसे सादे व्यंजन शामिल थे। कमरे में ताजे फल भी रखे गए थे, जो उनकी स्वास्थ्य के प्रति सजगता को दर्शाता है।

​5. हर-हर महादेव से गूंजी काशी

​दर्शन-पूजन के बाद जब पीएम मोदी का काफिला निकला, तो पूरी काशी ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठी। डमरू दल, शंखनाद और ढोल-नगाड़ों के साथ जनता ने अपने सांसद और प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया।

निष्कर्ष

​प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह वाराणसी दौरा धार्मिक आस्था के साथ-साथ ‘वोकल फॉर लोकल’ और भारतीय वैदिक विज्ञान के पुनरुत्थान का संदेश दे गया। वैदिक घड़ी को और बेहतर बनाने का उनका सुझाव भविष्य में भारतीय काल गणना को आधुनिक तकनीक के साथ और गहराई से जोड़ने का काम करेगा।

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