वाराणसी

वाराणसी: 108 डमरुओं की निनाद के बीच निकले बाबा मशाननाथ, महाश्मशान पर गूंजा जयघोष; तीन दिवसीय श्रृंगार महोत्सव शुरू

वाराणसी। धर्म की नगरी काशी में चैत्र नवरात्रि की पंचमी तिथि पर एक अद्भुत और अलौकिक दृश्य देखने को मिला। धुएं, दीपों की रोशनी और मंत्रों की गूंज के बीच जब बाबा मशाननाथ की पालकी उठी, तो पूरा दारानगर क्षेत्र शिवमय हो गया। मौका था बाबा मशाननाथ के वार्षिक महोत्सव का, जिसमें अघोर स्वरूप में बाबा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई।

​108 डमरुओं की गूंज और भव्य पालकी

​शोभायात्रा की शुरुआत दारानगर स्थित ज्वाला माता मंदिर से हुई। यात्रा में सबसे आगे 108 डमरुओं का निनाद भक्तों में जोश भर रहा था। पांच अलग-अलग तरह के बैंडबाजे बाबा की भक्ति में डूबी धुनें बिखेर रहे थे। कोलकाता के विशेष कारीगरों द्वारा सजाई गई बाबा की पालकी जैसे ही बाहर निकली, श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।

​इस शोभायात्रा में आस्था के कई रंग देखने को मिले:

  • स्वरूप दर्शन: घोड़े पर सवार श्री राम दरबार के स्वरूप और ऊंट-बग्घियों पर विराजमान अघोरी संत यात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे।
  • भक्तों का हुजूम: सड़क के दोनों ओर श्रद्धालु आरती की थाल लिए खड़े थे। लोधेश्वर महादेव मंदिर के पास बाबा की भव्य महाआरती की गई।
  • मणिकर्णिका गमन: यात्रा गलियों से होते हुए सीधे मोक्षदायिनी मणिकर्णिका घाट स्थित बाबा मशाननाथ मंदिर पहुँची, जहाँ विशेष पूजन संपन्न हुआ।

​बाबा महाश्मशाननाथ का रुद्राभिषेक और श्रृंगार

​इसी के साथ मणिकर्णिका घाट पर बाबा महाश्मशाननाथ का तीन दिवसीय वार्षिक श्रृंगार महोत्सव भी शुरू हो गया। सोमवार को आचार्य बचाऊ महाराज के सानिध्य में नौ वैदिक विद्वानों ने शास्त्रोक्त विधि से बाबा का रुद्राभिषेक किया।

​बाबा को फल, मिष्ठान और खीर के साथ विशेष विजया की बर्फी का भोग लगाया गया। परंपरा के अनुसार, बाबा का श्रृंगार कर नरमुंड खप्पर को मदिरा से भरा गया। लोक कल्याण की कामना के साथ मंदिर परिसर में 11 बार सुंदरकांड का पाठ हुआ। मंदिर व्यवस्थापक गुलशन कपूर ने बताया कि यह उत्सव सप्तमी तिथि तक चलेगा।

​सप्तमी पर होगी ‘नृत्यांजलि’

​वाराणसी की सदियों पुरानी परंपरा के अनुसार, इस महोत्सव के अंतिम दिन यानी सप्तमी तिथि पर देशभर से आईं गणिकाएं (नगर वधुएं) बाबा महाश्मशाननाथ के दरबार में अपनी नृत्यांजलि अर्पित करेंगी। माना जाता है कि बाबा के दरबार में नृत्य सेवा देकर वे अगले जन्म में इस कलंक से मुक्ति की प्रार्थना करती हैं।

​इस पूरे आयोजन में मंदिर समिति के अध्यक्ष चैनू प्रसाद गुप्ता, पुनीत पागल बाबा, ओमनाथ शर्मा उर्फ मोनू बाबा, बिहारी लाल गुप्ता, गुलशन कपूर और संजय गुप्ता सहित भारी संख्या में शिव भक्त शामिल रहे। उत्सव के अंत में गुरु दत्तात्रेय को समर्पित विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।

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