वाराणसी

वाराणसी: गंगा की रेती पर ‘बीच हैंडबॉल’ का रोमांच, अंतिम 3 मिनट में विकास इंटर कॉलेज ने पलटा मैच, ट्रॉफी पर जमाया कब्जा

वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी में खेलों का एक नया अध्याय शुरू हुआ है। वाराणसी के गढ़वा घाट के सामने गंगा की रेती पर पहली बार आयोजित बीच हैंडबॉल प्रतियोगिता बुधवार को बेहद रोमांचक मोड़ के साथ संपन्न हुई। इस जिलास्तरीय प्रतियोगिता के फाइनल मुकाबले में विकास इंटर कॉलेज की टीम ने अपने जुझारू प्रदर्शन की बदौलत इंपीरियल क्लब को 15-14 के अंतर से हराकर खिताब जीत लिया।

अंतिम 3 मिनट का ‘हाई वोल्टेज’ ड्रामा

​फाइनल मैच की शुरुआत से ही दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। मैच के 57वें मिनट तक इंपीरियल क्लब 14-13 की बढ़त के साथ जीत की ओर बढ़ रहा था और ऐसा लग रहा था कि ट्रॉफी उनके नाम होगी। लेकिन खेल के अंतिम तीन मिनटों में विकास इंटर कॉलेज की टीम ने असाधारण वापसी की।

​मैच खत्म होने से दो मिनट पहले विकास टीम की प्रीति ने शानदार मैदानी गोल कर स्कोर 14-14 से बराबर कर दिया। इसके ठीक बाद राष्ट्रीय खिलाड़ी रितिका प्रजापति ने अपनी चपलता दिखाते हुए एक बेहतरीन ‘डाइव शॉट’ लगाया और गेंद को सीधे गोल पोस्ट में डाल दिया। इस निर्णायक गोल ने विकास इंटर कॉलेज को 15-14 की बढ़त दिला दी, जो अंत तक बरकरार रही।

खिलाड़ियों का व्यक्तिगत प्रदर्शन

​मैच में दोनों ही टीमों की ओर से शानदार व्यक्तिगत खेल देखने को मिला:

  • विकास इंटर कॉलेज: रितिका प्रजापति ने सर्वाधिक 7 गोल किए। अंशिका यादव और दिव्या यादव ने 4-4 गोल कर टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई। गोलकीपर श्रेया सिंह ने कई महत्वपूर्ण बचाव किए।
  • इंपीरियल क्लब: आकांक्षा सोनकर और दिव्या पटेल ने अपनी टीम के लिए 7-7 गोल किए, लेकिन अंत में उनकी मेहनत जीत में नहीं बदल सकी। गोलकीपर श्रेया विश्वकर्मा का प्रदर्शन भी सराहनीय रहा।

टूर्नामेंट का सफर: 14 मैच और 108 गोल

​इस ऐतिहासिक आयोजन में कुल 12 टीमों के 96 खिलाड़ियों ने भाग लिया। पूरे टूर्नामेंट के दौरान कुल 14 मैच खेले गए, जिनमें खिलाड़ियों ने कुल 108 गोल दागे।

  • पहला सेमीफाइनल: विकास इंटर कॉलेज ने रॉयल क्लब को 18-14 से हराया।
  • दूसरा सेमीफाइनल: इंपीरियल क्लब ने विकास क्लब को 14-10 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

रणनीति में बदलाव रहा गेमचेंजर

​हाफ टाइम तक इंपीरियल क्लब 8-7 से आगे चल रहा था। विकास इंटर कॉलेज के कोच ने दूसरे हाफ में अपनी रणनीति बदली और दो मुख्य खिलाड़ियों की ‘अटैकिंग पोजीशन’ में फेरबदल किया। इस बदलाव ने टीम के फॉरवर्ड लाइन को अधिक मजबूती दी, जिससे अंतिम क्षणों में टीम को सफलता मिली।

मुख्य अतिथि ने किया पुरस्कृत

​समापन समारोह के मुख्य अतिथि मलकार बाबा ने विजेता टीम को चमचमाती ट्रॉफी प्रदान की। कार्यक्रम का सफल संचालन जिला नौकायन संघ के उपाध्यक्ष भागवत सिंह ने किया। यूपी हैंडबॉल संघ के उपाध्यक्ष डॉ. एके सिंह ने बताया कि वाराणसी की जूनियर टीम ने एक वर्ष में 26 से अधिक पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की है। उन्होंने कहा कि गंगा की रेती जैसे विविधता वाले मैदानों पर मैच खेलने से खिलाड़ियों के कौशल और स्टेमिना में वृद्धि होती है।

निष्कर्ष

​गंगा की रेती पर बीच हैंडबॉल का यह आयोजन वाराणसी के खेल प्रेमियों के लिए एक नया अनुभव था। इस तरह के आयोजनों से न केवल पारंपरिक खेलों को बढ़ावा मिलता है, बल्कि पर्यटन और खेल संस्कृति का एक अनूठा संगम भी देखने को मिलता है। विकास इंटर कॉलेज की यह जीत आगामी राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने वाली साबित होगी।

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