वाराणसी मौसम अपडेट: काशी में गर्मी का सितम, 44 डिग्री पहुंचा पारा; जानें कब मिलेगी लू से राहत और होगी झमाझम बारिश
वाराणसी। धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी इन दिनों भीषण गर्मी और झुलसाने वाली लू की चपेट में है। सूर्यदेव के तीखे तेवरों ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। आलम यह है कि दोपहर के समय शहर की व्यस्त सड़कें सूनी नजर आने लगी हैं और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हैं। हालांकि, मौसम विभाग की ओर से एक राहत भरी खबर भी सामने आई है।
44 डिग्री के पार पहुंचा तापमान
पिछले कुछ दिनों से वाराणसी में गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान सामान्य से 3.8 डिग्री अधिक यानी 44 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, न्यूनतम तापमान भी सामान्य से ऊपर 26.2 डिग्री सेल्सियस रहा। गर्मी का असर इतना भीषण है कि आधी रात को भी ठंडी हवा के बजाय गर्म लपटें महसूस की जा रही हैं।
शाम के समय तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन उमस और हवा की कम गति ने बेचैनी बरकरार रखी। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, फिलहाल लू (Heatwave) का प्रकोप अगले दो दिनों तक जारी रहने की आशंका है।
28 अप्रैल से बदलेगा मौसम का मिजाज
यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह के अनुसार, वाराणसी वासियों को जल्द ही इस भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण 28 अप्रैल के बाद मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
बारिश और गरज-चमक के आसार:
- 28 अप्रैल से शुरुआत: पूर्वी उत्तर प्रदेश तक विक्षोभ का असर पहुँचने से बादलों की आवाजाही बढ़ेगी।
- तापमान में गिरावट: अनुमान है कि 28 अप्रैल के बाद तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आएगी, जिससे लू की तीव्रता कम होगी।
- तेज बारिश और बिजली: बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी के कारण बिजली गिरने, बादल गरजने और तेज बारिश होने की प्रबल संभावना है। यह सिलसिला मई के शुरुआती दिनों तक जारी रह सकता है।
स्मार्ट मीटर का ‘अजीब’ कारनामा: बिजली गुल, फिर भी कटा बैलेंस
गर्मी के बीच बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। मंडुवाडीह क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। उपभोक्ता तारा देवी के अनुसार, ट्रांसफॉर्मर जलने के कारण पूरे क्षेत्र में लगभग 12 घंटे तक बिजली गुल रही। लेकिन ताज्जुब की बात यह रही कि बिजली न होने के बावजूद उनके प्रीपेड स्मार्ट मीटर से बैलेंस कटता रहा।
रात में जो बैलेंस 960 रुपये था, वह सुबह तक घटकर आधा रह गया। उपभोक्ता का आरोप है कि बिना बिजली खपत के लगभग 471 रुपये काट लिए गए। इस मामले में विभाग के अधिकारियों ने शिकायत दर्ज कर जांच का आश्वासन दिया है, लेकिन स्मार्ट मीटर की इस ‘अनावश्यक कटौती’ से स्थानीय लोगों में काफी नाराजगी है।
गर्मी से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह
जब तक बारिश नहीं होती, तब तक स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है:
- हाइड्रेटेड रहें: अधिक से अधिक पानी, ओआरएस, और ताजे फलों के रस का सेवन करें।
- दोपहर में बाहर न निकलें: सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें।
- सूती कपड़े पहनें: हल्के रंग के और ढीले सूती कपड़े पहनें ताकि पसीना सूख सके।
- सिर ढक कर रखें: यदि बाहर जाना अनिवार्य हो, तो छाता, टोपी या तौलिये से सिर को जरूर ढकें।
निष्कर्ष
काशी फिलहाल ‘आग की लपटों’ जैसी गर्मी झेल रही है, लेकिन 28 अप्रैल की तारीख राहत की उम्मीद लेकर आ रही है। यदि मौसम विभाग का अनुमान सटीक बैठता है, तो आने वाले सप्ताह में झमाझम बारिश बनारस की तपती गलियों को ठंडक पहुंचाएगी।