UPPCS Result: चंदौली की कंचन गुप्ता ने रचा इतिहास, 9वीं रैंक हासिल कर बनीं असिस्टेंट कमिश्नर
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने पीसीएस परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है, जिसमें चंदौली जिले की मेधावी छात्रा कंचन गुप्ता ने अपनी सफलता का परचम लहराया है। कंचन ने पूरे प्रदेश में 9वीं रैंक हासिल कर न केवल अपने परिवार का, बल्कि पूरे चंदौली जिले का नाम रोशन कर दिया है। उनका चयन असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्य कर) के प्रतिष्ठित पद पर हुआ है।
एक साधारण परिवार की असाधारण सफलता
कंचन गुप्ता चंदौली जिले के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (चंधासी) स्थित कृष्णा नगर कॉलोनी की रहने वाली हैं। एक साधारण पृष्ठभूमि से आने वाली कंचन ने यह साबित कर दिया कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती।
शैक्षिक सफर: केवी से बीएचयू तक
कंचन की सफलता के पीछे उनकी वर्षों की शैक्षणिक तपस्या है:
- प्रारंभिक शिक्षा: उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय (KV) से वर्ष 2019 में पूरी की। वह शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही हैं।
- उच्च शिक्षा: वर्ष 2022 में उन्होंने प्रतिष्ठित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) से इकोनॉमिक्स ऑनर्स में स्नातक (Graduation) की डिग्री प्राप्त की।
बीएचयू में पढ़ाई के दौरान ही कंचन ने सिविल सेवा में जाने का दृढ़ निश्चय कर लिया था और ग्रेजुएशन के बाद से ही वह पूरी एकाग्रता के साथ तैयारी में जुट गईं।
सफलता का मूल मंत्र: रणनीति और अनुशासन
अपनी शानदार सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कंचन ने बताया कि पीसीएस जैसी कठिन परीक्षा को क्रैक करने के लिए उन्होंने तीन चीजों पर सबसे ज्यादा ध्यान दिया:
- नियमित अध्ययन (Consistency): पढ़ाई में कभी गैप नहीं आने दिया।
- सही रणनीति: सिलेबस को समझकर सटीक नोट्स तैयार किए।
- समय प्रबंधन: हर विषय को उसकी महत्ता के अनुसार समय दिया।
कंचन ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने पिता नरेश कुमार, माता वंदना देवी और अपने शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। उनके माता-पिता ने सीमित संसाधनों के बावजूद कंचन की पढ़ाई में कभी कोई कमी नहीं आने दी।
युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत
कंचन की इस सफलता से पूरे चंदौली जिले में खुशी की लहर है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कंचन की यह जीत क्षेत्र की अन्य छात्राओं के लिए एक मिसाल है। यह संदेश देता है कि बेटियां अगर ठान लें, तो आसमान की बुलंदियों को छू सकती हैं।
”कंचन का चयन असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर होना जिले के लिए गौरव की बात है। उनकी कहानी हमें सिखाती है कि आत्मविश्वास और कड़ी मेहनत ही सफलता की असली कुंजी है।”