लखनऊ

यूपी सरकार की बड़ी सौगात: 28 लाख छात्रों के खातों में पहुँचे ₹3350 करोड़, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी मिले खास उपहार

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान और लोकभवन में आयोजित दो महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के जरिए राज्य के विद्यार्थियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बड़ी सौगात दी है। शिक्षा और बाल विकास के क्षेत्र में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

​1. 28 लाख छात्रों के लिए ₹3350 करोड़ की छात्रवृत्ति

​मुख्यमंत्री ने डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से कक्षा 9-10 और उससे ऊपर की कक्षाओं के 27,99,982 छात्र-छात्राओं के बैंक खातों में लगभग 3,350 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि ट्रांसफर की।

वर्गवार लाभान्वितों का विवरण:

पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री नरेंद्र कश्यप के अनुसार, विभिन्न वर्गों को दी गई राशि इस प्रकार है:

  • अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 13.52 लाख छात्रों को ₹1838.59 करोड़।
  • सामान्य वर्ग (General): 4.95 लाख छात्रों को ₹779.10 करोड़।
  • अनुसूचित जाति (SC): 6.68 लाख छात्रों को ₹467.94 करोड़।
  • अल्पसंख्यक वर्ग (Minority): 2.75 लाख छात्रों को ₹252.76 करोड़।
  • अनुसूचित जनजाति (ST): 7,236 छात्रों को ₹11.61 करोड़।

​वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कुल 65 लाख से अधिक लाभार्थियों को ₹4735 करोड़ से अधिक की राशि भेजने का लक्ष्य रखा गया है।

​2. आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए डिजिटल क्रांति और नियुक्ति पत्र

​लोकभवन में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं और मुख्य सेविकाओं के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

  • स्मार्टफोन वितरण: हजारों कार्यकर्ताओं को काम में सुगमता के लिए स्मार्टफोन दिए गए।
  • नियुक्ति पत्र: नवचयनित आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को उनके नियुक्ति पत्र सौंपे गए।
  • ग्रोथ मॉनिटरिंग डिवाइस: बच्चों के पोषण स्तर की सटीक जांच के लिए वजन और लंबाई मापने वाले आधुनिक उपकरण वितरित किए गए।
  • इन्फ्रास्ट्रक्चर: नए आंगनबाड़ी केंद्रों और परियोजना कार्यालयों का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया गया।

​3. बाल विकास और पोषण पर जोर

​बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग की योजनाओं को गति देते हुए सीएम योगी ने कहा कि इन उपकरणों और सुविधाओं से प्रदेश में बच्चों के स्वास्थ्य की बेहतर निगरानी हो सकेगी। स्मार्टफोन और नए डिवाइस की मदद से डेटा प्रबंधन में पारदर्शिता आएगी और कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को मजबूती मिलेगी।

​निष्कर्ष

​मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम न केवल आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर काम करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य और शैक्षिक ढांचे को और सशक्त बनाएगा।

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