यूपी में कुदरत का कहर: बारिश और ओलावृष्टि से बदला मिजाज, अब 7-9 अप्रैल को भीषण तूफान की चेतावनी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह से बदल गया है। सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के चलते प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में शनिवार को झमाझम बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई। मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि यह राहत का संकेत नहीं, बल्कि आने वाले एक बड़े तूफान की आहट है। अगले कुछ दिनों में प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट के साथ धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।
शनिवार को हुई रिकॉर्ड बारिश
शनिवार को पश्चिमी विक्षोभ ने प्रदेश के लगभग आधे हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। सेंट्रल यूपी और अवध क्षेत्र में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया।
- कानपुर: यहाँ सर्वाधिक 21.4 मिमी बारिश दर्ज की गई।
- लखनऊ: राजधानी में 15 मिमी बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे शाम होते ही मौसम सुहाना हो गया।
- तापमान: बारिश के कारण दिन के अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
गर्मी से मिली क्षणिक राहत, फिर बढ़ेगा पारा
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, 5 अप्रैल को मौसम में थोड़ा सुधार होगा और 6 अप्रैल को मौसम पूरी तरह शुष्क रहने के आसार हैं। इस दौरान खिली धूप निकलने से तापमान में फिर से 2-3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। लेकिन यह स्थिरता लंबे समय तक नहीं टिकेगी।
7 से 9 अप्रैल: ‘तूफान’ का हाई अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, एक और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ 7 अप्रैल से सक्रिय होने जा रहा है। इसका असर 9 अप्रैल तक बना रहेगा।
- आंधी और वर्षा: प्रदेश के पूर्वी और मध्य जिलों में 60 किमी/घंटा से अधिक की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है।
- तापमान में गिरावट: इस दूसरे दौर की बारिश के कारण पारे में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस की बड़ी गिरावट आएगी, जिससे लोगों को फिर से हल्की ठंडक का एहसास हो सकता है।
- पूर्वांचल की ओर बदलाव: मौसम विज्ञानी मो. दानिश ने बताया कि बारिश का केंद्र अब सेंट्रल यूपी से शिफ्ट होकर पूर्वांचल की ओर बढ़ सकता है।
इन जिलों में दर्ज किया गया अधिकतम तापमान
भले ही बारिश ने राहत दी हो, लेकिन शनिवार दोपहर तक कई जिले गर्मी से तप रहे थे:
| जिला | अधिकतम तापमान (°C) |
| :— | :— |
| बहराइच | 38.2 |
| कानपुर | 38.0 |
| बांदा | 37.4 |
| झांसी/हमीरपुर | 37.2 |
किसानों के लिए चेतावनी
इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। गेहूं और सरसों की तैयार फसल के लिए यह मौसम बेहद नुकसानदेह साबित हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखें और 7 से 9 अप्रैल के बीच सिंचाई या कीटनाशकों के छिड़काव से बचें।
सावधानी बरतें
आगामी 7 से 9 अप्रैल के अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को पेड़ के नीचे या जर्जर इमारतों के पास शरण न लेने की सलाह दी है। तेज हवाओं के कारण बिजली के पोल और साइनबोर्ड गिरने का खतरा बना रहता है।